पढ़ाई करते समय फोन चलाने का मन क्यों करता है? Psychology की आसान व्याख्या
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि जैसे ही आप पढ़ाई करने बैठते हैं, अचानक फोन चलाने का मन करने लगता है?
कई बार हम सोचते हैं कि बस 2 मिनट के लिए फोन चेक करेंगे, लेकिन वही 2 मिनट कब 1 घंटे में बदल जाते हैं, पता ही नहीं चलता। आखिर ऐसा क्यों होता है? चलिए इसे आसान भाषा में समझते हैं।
असल में हमारा दिमाग हमेशा आसान और जल्दी खुशी देने वाली चीज़ों की ओर आकर्षित होता है।
दिमाग को वह काम ज्यादा पसंद आता है जिसमें कम मेहनत लगे और तुरंत आनंद मिले। पढ़ाई में फोकस, धैर्य और मेहनत की जरूरत होती है। जब कोई कठिन प्रश्न सामने आता है, तो दिमाग उससे बचने का रास्ता खोजने लगता है।
यहीं पर फोन उसकी मदद करता है।
मोबाइल ऐप्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस तरह डिज़ाइन किए गए हैं कि वे हमें तुरंत मनोरंजन, रोमांच और खुशी का अनुभव कराएं। यही कारण है कि दिमाग कठिन पढ़ाई छोड़कर फोन की ओर खिंच जाता है।
एक छोटी कहानी
मान लीजिए एक विद्यार्थी पढ़ाई करने बैठता है।
शुरुआत में वह पूरे मन से पढ़ाई करता है। वह पहले अध्याय और दूसरे अध्याय के प्रश्न-उत्तर तैयार कर लेता है। लेकिन जैसे ही वह तीसरे अध्याय पर पहुँचता है, उसे कुछ प्रश्न काफी कठिन लगने लगते हैं।
अब उसका दिमाग थोड़ी देर के लिए रुक जाता है।
वह सोचता है कि बस 2 मिनट के लिए फोन चेक कर लेता हूँ।
फोन खोलते ही उसे एक दिलचस्प रील दिखाई देती है। फिर दूसरी, फिर तीसरी और फिर चौथी।
धीरे-धीरे वह रील्स देखने में इतना खो जाता है कि उसे पता ही नहीं चलता कि 2 मिनट से 1 घंटा बीत चुका है।
अगले दिन भी वही होता है और फिर यह एक आदत बन जाती है।
अगर आप पढ़ाई करते समय बार-बार फोन चेक करते हैं, तो सबसे पहले अपने फोन को अपने पास से दूर रखें।
हमारा दिमाग आसपास रखी हुई चीज़ों की ओर जल्दी आकर्षित होता है। जब फोन सामने रखा होता है, तो उसे उठाने की इच्छा बार-बार होती है।
फोन हमारे दिमाग को वह सब देता है जो उसे पसंद है, जैसे:
• मनोरंजन
• मजेदार कहानियाँ
• रील्स और वीडियो
• रोमांच
• नई-नई जानकारी
इसी वजह से दिमाग बार-बार फोन की तरफ भागता है।
Pomodoro Technique अपनाएँ
आप 25 मिनट तक लगातार पढ़ाई करें और फिर 5 मिनट का ब्रेक लें।
इसके बाद फिर 25 मिनट पढ़ाई करें और 5 मिनट का ब्रेक लें।
इस तकनीक को बार-बार दोहराने से पढ़ाई में फोकस बढ़ने लगता है और दिमाग पर ज्यादा दबाव भी महसूस नहीं होता।
पढ़ाई को छोटे हिस्सों में बाँटें
बड़े अध्यायों को छोटे-छोटे भागों में विभाजित कर दें।
जब काम छोटा दिखाई देता है, तो दिमाग उसे शुरू करने के लिए ज्यादा तैयार रहता है।
याद रखिए, दिमाग हमेशा आसान और मजेदार रास्ता चुनना चाहता है।
लेकिन सफलता अक्सर उन्हीं लोगों को मिलती है जो कठिन कामों पर ध्यान देना सीख लेते हैं।
अगर आप अपने फोन पर नियंत्रण करना सीख गए, तो पढ़ाई में फोकस बढ़ाना आपके लिए काफी आसान हो जाएगा।



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